Thar Shobha Khejadi

Hybrid Khejadi

Thar Shobha Khejri For The Best Sangri

थार शोभा एक बेहतरीन ज़्यादा पैदावार वाली, बिना कांटे वाली खेजड़ी (प्रोसोपिस सिनेरिया) किस्म है जिसे CIAH, बीकानेर ने बनाया है। खेजड़ी की थार शोभा किस्म बढ़िया, लंबी (18–21 cm) और मुलायम सांगरी पैदा करने के लिए बहुत अच्छी है। यह ग्राफ्टेड होती है तथा इसकी हाइट कम (8–10 ft) होती है। थार शोभा खेजड़ी जल्दी तैयार होती है, 2-3 साल में फल देने लगाती है। इसके फलो की तुड़ाई आसानी से हो जाती है।
Best for Sangri Production: कमर्शियल, हाई-वैल्यू, ऑर्गेनिक और पौष्टिक सांगरी के लिए थार शोभा खेजड़ी उत्तम हैं।
High yield of Sangri: 5-7 साल पुराने ग्राफ्टेड पौधे से लगभग 7-10 kg मुलायम फलियां (सांगरी) मिलती है।
Thar Shobha Khejadi in Bulk at SK Nursery House Bikaner
थार शोभा खेजड़ी कहां मिलेगी?

Commercial Farming of Thar Shobha Khejri

थार शोभा खेजड़ी Central Institute of Arid Horticulture (CIAH), Bikaner द्वारा विकसित खेजड़ी की एक नई, बेहतर गुणवत्ता वाली और बिना कांटे वाली वैरायटी है। थार शोभा को व्यावसायिक उत्पादन के लिए तैयार किया गया है, जिसमें कम समय में फल (सांगरी) लगने की क्षमता है और इसकी सांगरी की गुणवत्ता भी उत्कृष्ट होती है।थार शोभा की फली (सांगरी) बहुत पौष्टिक और महंगी होती है, सूखने पर यह 1000-1500 रुपये प्रति kg बिकती है। प्राकृतिक रूप से खेजड़ी वृक्ष खेजड़ी के बीज से ही उगता है। इस तरह उगने वाले वृक्षों में बहुत भिन्नता होती है। इनमे फलियाँ (सांगरी) 10-12 वर्ष बाद ही लगती हैं। काँटे भी अधिक होते है, लूँग (चारा) भी कम आता है। काजरी की रिसर्च से तैयार हाइब्रिड थार शोभा खेजड़ी में रोग प्रतिरोधक क्षमता कई गुना ज्यादा होती है, और इसमें कांटे भी नहीं होते है। हाइब्रिड थार शोभा खेजड़ी दो साल बाद ही फल देना शुरू कर देती है। हाइब्रिड थार शोभा किस्म के खेजड़ी के पौधे पर सांगरी पतली होती है और बाज़ार में सबसे ज़्यादा महंगी बिकती है। ग्राफ्टेड थार शोभा खेजड़ी का 5-7 साल के पौधे 7 से 10 kg सांगरी और 10 साल से बड़े पौधे 30 से 40 kg सांगरी पैदावार देता है। एक पूरे बड़े पेड़ से 40 से 60 kg सांगरी लग सकती है। सांगरी अधिक मात्रा में होती है तथा महँगी बिकती है। इसके साथ ही लूंग (पत्तियाँ, चारा) के साथ लकड़ी से भी आमदनी होती है। एक बीघा में ज़्यादा से ज़्यादा 120 पौधे लगाए जा सकते हैं। खेजड़ी की कमर्शियल खेती लाभदायक है।

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खेजड़ी के पेड़ से भूजल के कारण नमी बनी रहती है। इसे बढ़ने के लिए अधिक पानी की ज़रूरत नहीं रहती है। खेजड़ी के पेड़ के नीचे खेती भी की जा सकती है इसके साथ अनाज की पैदावार ज्यादा होती है। जैसे तिल, ग्वार, बाजरा, मिर्च, बैंगन, मूंग, मोठ, तरबूज़ वगैरह। खेजड़ी की जड़ें मिट्टी की खाद का काम करती हैं। खेजड़ी की जड़ों में राइज़ोबियम बैक्टीरिया होते हैं जो हवा से नाइट्रोजन इकट्ठा करते हैं, जिससे वहाँ उगने वाली फ़सलों की ज़्यादा पैदावार होती है। खेजड़ी के पेड़ जेठ (मई-जून) के महीने में भी हरे रहते हैं। रेगिस्तान की गर्मी में, जब जानवरों के पास धूप से बचने के लिए कोई जगह नहीं होती, तो यह पेड़ छाया और चारा देता हैं। सांगरी राजस्थान का एक सूखा मेवा है। सांगरी का मुख्य उपयोग बेहतरीन क्वालिटी के अचार और सब्ज़ियाँ बनाने में किया जाता हैं। इसकी पत्तियों का इस्तेमाल पशुओं के लिए पौष्टिक चारे के तौर पर किया जाता है, खासकर पुरे भारत में बकरी पालन के लिए।
सांगरी राजस्थान का सूखा मेवा है
सांगरी पूर्ण रूप से जैविक हैं।
100% प्राकृतिक उत्पाद है।
थार शोभा खेजड़ी (उन्नत/ग्राफ्टेड)
  • स्पेशल / चुनी हुई वैरायटी (प्रीमियम टाइप)
  • बेहतर क्वालिटी की सांगरी (फली)
  • लंबी, मोटी और ज़्यादा मुलायम सांगरी
  • सांगरी की अधिक और एकसार पैदावार
  • बेहतर स्वाद (कम फाइबर, ज़्यादा गूदा)
  • पौधे की तेजी से बढ़वार
  • 2–3 साल में फल आना शुरू
  • व्यावसायिक खेती के लिए बेहतर
  • ज़्यादा मार्केट वैल्यू
  • कमर्शियल खेती के लिए चुनी गई
  • ग्राफ्टेड पौधा – तने पर जोड़ (grafting union) दिखेगा
सामान्य खेजड़ी (पारंपरिक देसी खेजड़ी)
  • नेचुरल / लोकल वैरायटी
  • नॉर्मल साइज़ की सांगरी
  • राजस्थान और सूखे इलाकों में नैचुरली पाई जाती है
  • फल (सांगरी) की मात्रा में फर्क हो सकता है
  • फल (सांगरी) की गुणवत्ता में फर्क हो सकता है
  • बढ़वार सामान्य गति से
  • 8–10 साल में फल आना
  • खेत की छाया/पर्यावरण के लिए अच्छी
  • चारे और पारंपरिक कार्य के लिए उपयोग होती है
  • कम कमर्शियल फोकस
  • सीडलिंग पौधा – तने पर कोई ग्राफ्ट जोड़ नहीं
Hybrid Thar Shobha Khejari

Key Details About Thar Shobha Khejri

थार शोभा खेजड़ी का रोपण कृषि वैज्ञानिकों की सलाह (जैसे कि CAZRI, बीकानेर) के अनुसार करना बेहतर परिणाम देता है।
thar shobha khejari for sangari
  • सांगरी के लिए उत्तम खेजड़ी
यह टॉप-क्वालिटी, मुलायम और एक जैसी फली देने के लिए जाना जाता है, जिनकी मार्केट में बहुत डिमांड है।
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thar shobha khejari for sangari
  • ज़्यादा पैदावार
5 साल पुराना ग्राफ्टेड पौधा हर साल लगभग 7-10 kg सांगरी दे सकते हैं।
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thar shobha khejari for sangari
  • जल्दी फल और साइज़
यह 2-3 साल में फल देना शुरू कर देता है, और पेड़ छोटे (8-10 फीट) रहते हैं, जिससे कटाई आसान हो जाती है।
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thar shobha khejari for sangari
  • खेती के लिए उपयोगी
यह सूखी जगहों पर अच्छी तरह उगता है और थार रेगिस्तानी इलाके में खेत की सीमाओं पर लगाने के लिए सही है।
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thar shobha khejari for sangari
  • कमर्शियल उपयोग
ज़्यादा पैदावार वाली किस्म होने के कारण, यह कमर्शियल खेती के लिए बहुत अच्छी है।
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thar shobha khejari for sangari
  • थार शोभा कहां मिलेगी ?
असली ग्राफ्टेड पौधे खरीदने के लिए, बीकानेर में S K नर्सरी हाउस एक अच्छा सोर्स है, जो थार शोभा खेजड़ी में स्पेशलाइज़ करता है।
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ग्राफ्टेड खेजड़ी 'थार शोभा'

थार शोभा खेजड़ी की मुख्य विशेषताएं:

  • काँटे-रहित किस्म: पारंपरिक खेजड़ी किस्मों के विपरीत, 'थार शोभा' पूरी तरह से काँटे-रहित होती है, जिससे सांगरी और लूँग लेना और इसकी कटाई करना आसान हो जाता है।
  • अधिक पैदावार: थार शोभा खेजड़ी उच्च गुणवत्ता वाली 'सांगरी' (सबसे महँगी सब्जी के रूप में उपयोग होने वाली फली) और बड़ी मात्रा में 'लूंग' (पत्ते, पशुओं का चारा) पैदा करती है।
  • जल्दी उत्पादन: यह प्राकृतिक किस्मों की तुलना में कहीं अधिक तेज़ी से फल देना शुरू कर देती है; रोपण के मात्र कुछ ही वर्षों (2-3) के भीतर, इससे काफी अच्छी फसल मिलने लगती है।
  • सूखा-रोधी: यह शुष्क और अर्ध-शुष्क परिस्थितियों के लिए अत्यंत उपयुक्त है, और कम पानी वाले वातावरण (रेतीली और पथरीली मिट्टी) में भी खूब फलता-फूलता है।
Types of organic farming, major benefits, and its importance
Commercial Benefits

Benefits of Thar Shobha Khejri

  • 'थार शोभा' खेजड़ी के पेड़ (*Prosopis cineraria*) की एक बेहतरीन ग्राफ़्टेड किस्म है। थार शोभा खेजड़ी को "मरुस्थल का राजा" कहा जाता है। थार शोभा खेजड़ी की उपयोगिता और इसके अनुप्रयोग बहुत महत्वपूर्ण हैं। यह अनेक बेहतरीन लाभ प्रदान करती है, जिनमें शामिल हैं पोषण और उपयोगिता से जुड़े फ़ायदे, व्यावसायिक और आर्थिक लाभ, पारिस्थितिक, कृषि और किसानों को लाभ।
  • व्यावसायिक और आर्थिक महत्व:
  • ज़्यादा पैदावार: हर साल प्रति पेड़ 20-30 किलोग्राम पतली और बाज़ार में ऊँची कीमत वाली सांगरी (फलियाँ) पैदा करता है।
  • जल्दी परिपक्वता: लगाने के सिर्फ़ 2-3 साल में फलियाँ लगना शुरू हो जाती हैं—देसी किस्मों के मुकाबले यह काफ़ी तेजी से फल देता है।
  • चारे का स्रोत: हर बीघा में लगभग 40 क्विंटल पोषक तत्वों से भरपूर पत्तेदार चारा (लूंग) मिलता है।
  • बिना काँटों वाली: काँटों के न होने से किसानों के लिए फलियाँ और चारा दोनों काटना काफ़ी आसान हो जाता है।
  • पारिस्थितिक और कृषि संबंधी लाभ:
  • सूखा-रोधी क्षमता: यह अत्यधिक शुष्क जलवायु और बहुत कम वर्षा वाले क्षेत्रों के लिए पूरी तरह से अनुकूलित है।
  • मृदा सुधार: यह नाइट्रोजन स्थिरीकरण के माध्यम से मिट्टी की उर्वरता को बढ़ाता है, और अपनी जड़ों की सक्रियता द्वारा मिट्टी को पोषक तत्वों से समृद्ध करता है।
  • दीर्घकालिक स्थिरता: यह एक 'विंडब्रेक' (हवा-रोधी) के रूप में कार्य करता है और थार मरुस्थल में मिट्टी के कटाव को कम करने में सहायता करता है।
  • बेहतर कृषि: यह कृषि-वानिकी (Agroforestry) के लिए उपयुक्त है, क्योंकि यह बाजरा, ग्वार फली (Cluster beans) और मूंग जैसी फसलों की अंतरा-फसल (Intercropping) को सुगम बनाता है।
  • उपयोग और उपयोगिता::
  • सांगरी (फलियाँ): इसकी फलियों को तोड़कर उनसे बढ़िया क्वालिटी के अचार और सब्ज़ियाँ बनाई जाती हैं।
  • लूंग (चारा): इसकी पत्तियों का उपयोग पशुओं के लिए पौष्टिक चारे के तौर पर किया जाता है, खासकर पुरे भारत में बकरी पालन के लिए।
  • अनुकूलन क्षमता: इसे सूखे इलाकों में एग्रोफॉरेस्ट्री (कृषि-वानिकी) के लिए सबसे अच्छा माना जाता है; यह रेगिस्तान के फैलाव को रोकने और मिट्टी की क्वालिटी को बेहतर बनाने में मदद करती है।
  • पोषक और व्यावहारिक लाभ:
  • पोषक सांगरी: इसकी फलियाँ प्रोटीन, कैल्शियम, पोटैशियम, फाइबर, आयरन और जिंक का बेहतरीन स्रोत होती हैं।
  • बहुमूल्य ईंधन और लकड़ी: यह ईंधन और उच्च गुणवत्ता वाली लकड़ी प्रदान करती है। यह हवन और यज्ञ में भी काम आती है जिसे समिधा कहते है।
  • व्यावसायिक संभावनाएँ: खेतों की मेड़ों पर या शुष्क क्षेत्रों में बागवानी फसल के रूप में इसकी खेती करना अत्यंत लाभदायक है। इसके अलावा, 'थार शोभा' के साथ उगाई जाने वाली फसलें भी अधिक पैदावार देती हैं।
थार शोभा खेजड़ी कहां मिलेगी?

थार शोभा प्लांट खरीदते समय ध्यान रखें:

  • थार शोभा प्लांट खरीदते समय कुछ मुख्य बातों का ध्यान जरूर रखें जिससे की स्वस्थ्य और असली थार शोभा मिल सके।
  • तने पर ग्राफ्टिंग का जोड़ दिखे (थार शोभा में)
  • पौधा स्वस्थ, पत्तियाँ हरी और रोग-मुक्त हों
  • जड़ें पॉलीबैग में अच्छी तरह विकसित हों
  • विश्वसनीय नर्सरी S K Nursery House से जानकारी लें
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