Jeevamrut

Preparation of Jeevamrut Organic Fertilizer

जीवामृत जैविक खाद एक ऐसी खाद होती है जिसे खेत, घर या फार्म पर आसानी से तैयार किया जा सकता हैं। फसलों, पौधों पर इसका प्रभाव बहुत ही सकारात्मक व स्थाई होता है। जीवामृत जैविक खाद के प्रयोग से उत्पादन अधिक प्राप्त होता है। यह भूमि की उर्वराशक्ति को बढ़ाता है तथा यह बहुत ही सस्ती खाद होती है इसे बनाने में लागत बहूत ही कम आती है।
तरल जीवामृत: तरल जैविक खाद, जीवामृत बनाने के लिए, गाय का गोबर और मूत्र, साथ में बेसन, गुड़, मिट्टी और तय मात्रा में पानी मिलाकर मिश्रण बनाया जाता है। समय - समय पर इस मिश्रण को लकड़ी की छड़ी से हिलाते रहें। इस मिश्रण को 2 से 7 दिन तक छांव में विघटित होने के लिए छोड़ दिया जाता है। इस समय के बाद, यह तैयार हो जाता है और इसे खेत में फसलों पर उपयोग किया जा सकता है। इसके उपयोग से किसान मित्र फायदेमंद केंचुए मिट्टी की सतह पर आ जाते हैं, जिससे मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है।
  • पानी: 200 लीटर
  • गाय का गोबर: 10 kg (भारतीय नस्ल की देसी गाय का गोबर )
  • गौमूत्र: 10 लीटर
  • गुड़: 2 किलो
  • दाल का आटा: 2 किलो
  • उपजाऊ मिट्टी: मुट्ठी भर
घन जीवामृत: घन जीवामृत बनाने का तरीका तरल जीवामृत बनाने जैसा ही है। तरल जीवामृत तैयार होने के बाद, इसे गोबर के साथ मिलाया जाता है और 48 से 72 घंटे तक छाँव में विघटित होने के लिए छोड़ दिया जाता है। इसके बाद, यह खेत में उपयोग के लिए तैयार हो जाता है।

जीवामृत का उपयोग:

  • तरल रूप में: जीवामृत को पानी में 5-10% मिलाकर स्प्रे करें। प्रति एकड़ 100-200 लीटर जीवामृत उपयोग में लिया जा सकता है। इसे हर 7-10 दिन में एक बार उपयोग करना लाभकारी होता है।
  • ठोस रूप में (घनजीवामृत): ठोस रूप में जीवामृत को सीधे खेत में फैला दें। इस तरह उपयोग से 6-8 महीने तक खेत की मिट्टी में प्रभावी रहता है।
  • जीवामृत का प्रयोग करने से लाभ –
  • पौधे को ज़रूरी पोषक तत्व प्रदान करना।
  • हानिकारकरासायनिक उर्वरकों का खर्च कम करता है।
  • जीवामृत के प्रयोग से फसलें स्वस्थ और ज़्यादा पैदावार वाली होती हैं।
  • हवा का संचार बेहतर होता है, खेत की गहराई से मिनरल्स ऊपर लाता है।
  • मिट्टी में सूक्ष्मजीवों और फायदेमंद बैक्टीरिया को बढ़ाने का काम करता है।
  • फल और सब्ज़ी के पौधों की ग्रोथ को बढ़ाता है और उनकी गुणवत्ता में सुधार करता है।
  • भूमि की उर्वरा शक्ति को बेहतर करता है।
  • जीवामृत के प्रयोग से मिट्टी का pH सुधारता है।
  • सभी फसलों के लिए उपयुक्त है और पैदावार बढ़ाता है।
  • जीवामृत पौधों द्वारा पोषक तत्वों को सोखने की क्षमता बढ़ाता है।
  • हानिकारक कीटों और बीमारियों के खिलाफ प्राकृतिक दुश्मन के रूप में काम करता हैं।
  • जीवामृत को स्थानीय रूप से उपलब्ध सामग्री का उपयोग करके आसानी से तैयार किया जा सकता है।

Brahmosh Insecticide

ब्रह्मोस फसलों में कीड़े और रोगों से होने वाले नुकसान से बचता है और पैदावार तथा क्वालिटी को बढ़ाता हैं।

Shakti Plant promoters

जैविक शक्ति का उपयोग मुख्य रूप से पौधों की ग्रोथ बढ़ाने वाले और फंगीसाइड के रूप में किया जाता है।

Grow Max Fungicide

जैविक Grow Max प्राकृतिक अवयवों से निर्मित उत्पाद हैं जो फसल को फफूंदजनित रोगों से सुरक्षित रखते हैं।
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