सबसे पहले, यह पौधों, उनके फूलों और सब्जियों की रक्षा करता है, और मकड़ियों, दीमक, लाल माइट्स और एफिड्स, लीफहॉपर्स, थ्रिप्स, सफेद मक्खियों, मक्खियों, कीड़ों और पतंगों जैसे चूसने वाले कीड़ों को खत्म करता है।
इसमें मिट्टी में रहने वाली पौधों की जड़ो पर प्रभावी दीमक उपचार क्षमता है। यह खेतों और आउटडोर गार्डन, इनडोर गार्डन और अन्य हरित क्षेत्रों में अंदर के लिए दीमक को हटा देती है।
इसकी नई ऑर्गेनिक स्प्रेयर सॉल्यूशन टेक्नोलॉजी मिट्टी के पोषक तत्वों को नुकसान नहीं पहुंचाती है, और कीड़ों में इसके प्रति पहले से कोई प्रतिरोध नहीं होता है।
ब्रह्मोस फसलों पर लगने वाले सभी प्रमुख रस चूसक कीटों जैसे माहू (एफिड), सफेद मक्खी, थ्रीप्स, हरा तेला (जैसीड), मिली बाग मकड़ी (लाल व पीली) लीफ होफर्स को पूर्ण रूप से नियंत्रित करके फसल की सुरक्षा करता है।
ब्रह्मोस फसलों में लगने वाली सभी प्रकार की इल्लियों व सुंडियों जैसे तना छेदक, फल छेदक, पत्ता लपेट, गुलाबी सुंडी, बालदार सुंडी, सैनिक सुंडी, फाल आर्मी वर्म, गोजलट (व्हाइट ग्रब) सेमिलूपर आदि को पूर्ण रूप से नियंत्रित करके फसलों की सुरक्षा करता है।
ये प्राकृतिक स्रोतों और वनस्पतियों से बनते हैं, इसलिए ऑर्गेनिक कीटनाशक बहुत जल्दी डीकंपोज़ हो जाते हैं और लगभग कोई अवशेष नहीं छोड़ते हैं।
जैविक कीटनाशक केवल फसलों के लिए हानिकारक कीटों को ही मारते है, जबकि रासायनिक कीटनाशकों से बड़ी संख्या में मित्र कीट भी नष्ट हो जाते हैं।
रासायनिक कीटनाशकों का लगातार इस्तेमाल करने से कीटों की प्रतिरोधक क्षमता विकसित होती जा रही है जबकि जैविक कीटनाशक प्राकृतिक होने से कीटों में ऐसा नहीं होता है।
खेतों में ऑर्गेनिक कीटनाशकों का उपयोग करने से मित्र कीटों के स्वभाव में कोई बदलाव नहीं होता है।
जैविक कीटनाशकों का छिड़काव करनें के पश्चात तुरन्त ही फलों और सब्जियों आदि की कटाई कर व पानी से साफ कर प्रयोग में ला सकते है।
जैविक कीटनाशक पर्यावरण एवं परिस्थितकीय संतुलन बनाये रखने में सहायक होते हैं।
कोई प्रदूषण नहीं होता क्योंकि ब्रह्मोस कीटनाशक कंट्रोल प्रोडक्ट प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले पदार्थों से बने होते हैं, इसलिए वे पूरी तरह से बायोडिग्रेडेबल हैं।
सुबह व शाम के समय ब्रह्मोस का छिड़काव करना उपयुक्त होता है। इस समय पर ब्रह्मोस का नियंत्रण प्रभाव 1-2 गुना अधिक होता है।
ब्रह्मोस ऑर्गेनिक कीटनाशक ज़्यादा नमी वाली स्थितियों में भी कीट नियंत्रण पर अपनी पूरी असरदार क्षमता दिखा सकता है।
KSMO का ब्रह्मोस ऑर्गेनिक कीटनाशक मिट्टी, पानी और हवा को प्रदूषित किए बिना पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखता हैं।
इनके उपयोग के बाद फलों/सब्जियों को तुरंत खाया जा सकता है, जो मानव स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित हैं।
सही तरीके से उपयोग किए जाने पर ये रासायनिक विकल्पों के प्रभावी प्रतिस्थापन हैं।
ब्रह्मोस कीटनाशक के प्रति कीटों और बीमारियों में प्रतिरोध विकसित होने का खतरा अक्सर कम माना जाता है। क्योकि ये प्रकृति रूप से बने जैविक उत्पाद है।
पारंपरिक कीटनाशकों की तुलना में कंट्रोल की उचित दर और असरकारक है, तथा अधिक समय तक असरदार रहती है।
ब्रह्मोस जैविक उत्पाद है इसलिए विशेष सावधानी की जरूरत नहीं होती है परंतु इसकी गंध से परेशानी हो तो मुंह व नाक कपड़े से ढक कर छिड़काव करें।
मुख्य निष्कर्षों में व्यापक असर और दीर्घकालिक सुरक्षा शामिल है, जिसके लिए निरंतर उपयोग आवश्यक है।
ये केवल हानिकारक कीटों को नियंत्रित करते हैं, जबकि मित्र कीटों की रक्षा करते हैं।
चेतावनी:- ब्रह्मोस का प्रयोग किसी भी रासायनिक पेस्टिसाइड्स और रासायनिक उर्वरकों के साथ न करें।
आर्गेनिक पेस्टिसाइड की प्रभावशीलता बनाए रखने के लिए हर 15 -20 दिनों में नियमित छिड़काव आवश्यक है। इसका स्प्रे सुबह जल्दी या शाम के समय करना उचित है। आर्गेनिक कीटनाशक का स्प्रे पत्तियों के दोनों तरफ करें, क्योंकि कई कीट पत्तियों के नीचे छुपे होते हैं। ब्रह्मोस कीटनाशक को छांव और ठंडी जगह पर रखें। बच्चों की पहुंच से दूर रखें। ब्रह्मोस जैविक उत्पाद है इसलिए विशेष सावधानी की जरूरत नहीं होती है परंतु इसकी गंध से परेशानी हो तो मुंह व नाक कपड़े से ढक कर छिड़काव करें।